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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का तीसरा महीना - लकà¥à¤·à¤£, बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और शारीरिक बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤¸à¤¾ चरण है, जिसमें विशेष देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है, ताकि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला खà¥à¤¦ à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहे और à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® दे सके। यहां हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने की बात कर रहे हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का तीसरा महीना गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर में तमाम तरह के बदलाव लेकर आता है। इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ का विकास à¤à¥€ तेजी से होने लगता है, जिसे आसानी से महसूस किया जा सकता है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने (9वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 12वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई जरूरी जानकारियां देंगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने के लकà¥à¤·à¤£
1. मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने तक उलà¥à¤Ÿà¥€ और जी मिचलने जैसा अहसास चरम तक पहà¥à¤‚च सकता है, लेकिन महीने के अंत तक यह समसà¥à¤¯à¤¾ कम होने लगेगी। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ पहले तिमाही के अंत तक उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसी परेशानियों से बाहर आ जाती हैं (1)।
2. थकान होना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ महिला को नींद और थका हà¥à¤† महसूस कराते हैं। चूंकि, शरीर को गरà¥à¤ में आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठअतिरिकà¥à¤¤ रकà¥à¤¤ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, इसलिठयह आपके रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (blood pressure) और रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा (blood sugar) के सà¥à¤¤à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिससे आप थकान महसूस कर सकती हैं।
3. बार-बार पेशाब आना : शरीर में à¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पैदा होने के कारण पहले के मà¥à¤•ाबले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ पर दबाव डालती है। इसके अलावा, बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव डालता है, इस कारण à¤à¥€ आपको बार-बार पेशाब जाने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (2)।
4. कबà¥à¤œ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने के दौरान पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿ पाचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को धीमा कर देती है, जिससे कबà¥à¤œ की शिकायत हो सकती है। अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ आहार à¤à¥€ कबà¥à¤œ का à¤à¤• कारण हो सकता है।
5. योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ : à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° के कारण योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ में थोड़ी वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है (3)।
6. पैरों में à¤à¤‚ठन : इस दौरान रात को सोते समय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को पैरोंं में à¤à¤‚ठन और दरà¥à¤¦ परेशान कर सकता है। पोटैशियम और आयरन की पूरà¥à¤¤à¤¿ न होना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤‚ठन का कारण हो सकता है।
7. पीठदरà¥à¤¦ और पेट दरà¥à¤¦ : हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² सà¥à¤¤à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨ के कारण, आपको पीठदरà¥à¤¦ हो सकता है। इसके अलावा, बढ़ते गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में खिंचाव होने के कारण, पेट के निचले à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ महसूस होता है (4)।
8. सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में बदलाव : तीसरे तिमाही के दौरान आपके शरीर में होने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के कारण, आपके सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में बदलाव हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में चिड़चिड़ापन, बात-बात पर गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आना और बिना किसी कारण रोने जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• हैं।
9. मसूड़ों से खून आना : हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² सà¥à¤¤à¤° में बदलाव होने से मसूड़ों की सूजन और खून आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके लिठआप मà¥à¤‚ह की साफ-सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
10. सीने में जलन : जैसे-जैसे गरà¥à¤ में शिशॠका विकास होता है, यह à¤à¥‹à¤œà¤¨ पचाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को धीमा कर देता है। आपका बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पेट पर दबाव डालना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है, जिससे जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है।
11. बार-बार खाने का दिल करना : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बार-बार कà¥à¤› न कà¥à¤› खाने का दिल करेगा। इसके अलावा, कई बार अपने ही पसंदीदा खाने की गंध à¤à¥€ पसंद नहीं आà¤à¤—ी।
आइà¤, अब जानते हैं कि तीसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ परिवरà¥à¤¤à¤¨ आ सकते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के तीसरे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का तीसरा महीना शरीर में कई सारे बदलाव लेकर आता है। इसमें न सिरà¥à¤« आपको सही जीवनशैली अपनाने की जरूरत होती है, बलà¥à¤•ि खानपान का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होता है। बहरहाल, नीचे हम बता रहे हैं कि तीसरे महीने में शरीर में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ बदलाव होते हैं :
तीसरे महीने में आपका पेट कितना बढ़ जाता है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने तक, आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ अंगूर के आकार का हो जाता है (5)। सिरà¥à¤« पेट ही नहीं तीसरे महीने तक शरीर में और à¤à¥€ बदलाव आते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
1. सà¥à¤¤à¤¨ और à¤à¤¾à¤°à¥€ हो जाना : इस अवधि में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है, जिस कारण ये à¤à¤¾à¤°à¥€ हो सकते हैं। इसके अलावा, निपà¥à¤ªà¤² के आसपास का रंग और गहरा हो सकता है।
2. नसें दिखाई देना : जैसे ही आपके शरीर में रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है, तो आपका दिल तेजी से पंप होने लगता है। इससे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर नसें दिखाई देना आम बात है (6)।
3. वजन बढ़ना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने तक गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का वजन बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। तीसरे महीने में à¤à¤• से दो किलो वजन बढ़ना ठीक है (7)। चूंकि, à¤à¥à¤°à¥‚ण अà¤à¥€ छोटा है, तो इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन बढ़ना ठीक नहीं है। हालांकि, कà¥à¤› महिलाओं का मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस की वजह से वजन कम होने लगता है।
4. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ दिखाई देना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में पेट और सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के बढ़ने के कारण सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ नजर आ सकते हैं।
5. सूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ और खà¥à¤œà¤²à¥€ होना : हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स बदलने के चलते तà¥à¤µà¤šà¤¾ सूखी पड़ सकती है, जिससे खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¥€à¤¨ वाला साबà¥à¤¨ या मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° का उपयोग कर इससे राहत पाई जा सकती है।
6. पेट पर काली लकीर उà¤à¤° आना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के चलते तीसरे महीने तक पेट के निचले à¤à¤¾à¤— पर à¤à¤• काले रंग की लकीर उà¤à¤° आती है। इसे मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में लिनिया नाइगà¥à¤°à¤¾ (Linea nigra) कहते हैं।
आइà¤, अब जानते हैं कि होने वाले शिशॠमें कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ बदलाव होते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और आकार
आप अपने शरीर में होने वाले बदलावों को महसूस कर सकती हैं, लेकिन तीसरे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की हलचल को महसूस नहीं किया जा सकता। गरà¥à¤ में हलचल का न होना आपको उतावला या परेशान कर सकता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। यहां, हम बताà¤à¤‚गे कि तीसरे महीने तक गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास कितना होता है :
तीसरे महीने तक, गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण का आकार बेर या फिर नींबू जितना होता है।
तीसरे महीने के अंत तक यानी 12वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक आपका बचà¥à¤šà¤¾ लगà¤à¤— 2.5 इंच लंबा होता है (8)। उसका वजन लगà¤à¤— 28 गà¥à¤°à¤¾à¤® आसपास हो सकता है।
इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ का दिल काम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। किडनी, आंखों व जननांग का विकास इसी महीने होता है।
आइà¤, अब जानते हैं कि तीसरे महीने में खान-पान पर किस तरह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में आहार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले आप सिरà¥à¤« अपने लिठखा रही थीं और अपनी पसंद का खा रही थीं, लेकिन अब आप सिरà¥à¤« अपने लिठनहीं, बलà¥à¤•ि आने वाले ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠके लिठà¤à¥€ खा रही हैं। à¤à¤¸à¥‡ में यह जरूरी है कि आप अपने खान-पान का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें। आपको इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं इसका खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚? | Pregnancy Ke Teesre Mahine Me Kya Khaye
विटामिन-6 से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ : इस महीने जी-मिचलाने की समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इसके लिठआप विटामिन-बी6 से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें। अंडे, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आदि अपने खान-पान में शामिल करें।
ताजे फलों का रस : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में ताजे फलों का जूस पीना फायदेमंद होता है। यह आपको सà¤à¥€ जरूरी विटामिन देता है।
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ लेना जरूरी है। इसके लिठसाबà¥à¤¤ अनाज के साथ-साथ गेहूं के आटे की बà¥à¤°à¥‡à¤¡, चावल व आलू अपने खान-पान में शामिल करें।
मीट : अगर आप मांसाहारी हैं, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मीट का सेवन करें। बस धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि यह मीट अचà¥à¤›à¥€ तरह से पका हà¥à¤† हो।
आयरन और फोलेट : गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठआयरन और फोलेट बहà¥à¤¤ जरूरी हैं। इसकी कमी से शिशॠमें कई तरह के शारीरिक विकार होने का खतरा रहता है। इसलिà¤, अपने खान-पान में आयरन और फोलेट को जरूर शामिल करें। इसके लिठचà¥à¤•ंदर, चीकू, ओटमील, बींस, संतरा, आलू, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, अंडा और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जरूर शामिल करें।
डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ : चूंकि कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत आपको और आपके शिशॠदोनों को ही है, तो इसके लिठअपने खान-पान में डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ शामिल करें। इसके लिठदूध, दही, पनीर व घी आदि का सेवन करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤?
नीचे हम बताने जा रहे हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठ:
जंक फूड और शराब : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में जंक फूड, शराब व तंबाकू आदि से परहेज करें। इसके अलावा, चाय, कॉफी व चॉकलेट आदि का सेवन कम करें (9)।
सी फूड : बेहतर यही होगा कि इस दौरान सी फूड से परहेज करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें उचà¥à¤š मरकरी हो सकती है, जो à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठहानिकारक होती है।
डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द खाना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द चीजें न खाà¤à¤‚। फिर चाहे वो अचार हो या जूस। दरअसल, इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लंबे समय तक चलाने के लिठकà¥à¤› केमिकल मिलाठजाते हैं, जो सेहत के लिठहानिकारक होते हैं।
कचà¥à¤šà¤¾ मांस और कचà¥à¤šà¥‡ अंडे : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस दौरान कचà¥à¤šà¤¾ मांस और कचà¥à¤šà¥‡ अंडे न खाà¤à¤‚। इसमें सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ व लिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है, जो à¤à¥à¤°à¥‚ण पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालते हैं।
लेख के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में आप जानिठकि इस दौरान किस-किस तरह के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
वेट टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने आप वेट टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग कर सकती हैं। इससे शरीर मजबूत होता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के à¤à¤¾à¤° को सहने के लिठशरीर को तैयार करता है। सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दो बार वेट टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग की जा सकती है।
रनिंग : अगर आप पहले से रनिंग करती हैं, तो इस दौरान रनिंग करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आप किसी टूटी-फूटी सड़क पर रनिंग न करें और रनिंग बहà¥à¤¤ तेज न करते हà¥à¤ धीरे-धीरे करें। जैसे ही आप थकने लगें, रनिंग करना तà¥à¤°à¤‚त बंद कर दें।
सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में तैराकी करना फायदेमंद माना जाता है। पानी में आपका वजन जमीन की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में हलà¥à¤•ा होता है, जो आपको आराम देगा। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि हमेशा किसी पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• की निगरानी में ही तैराकी की जाठ(10)।
सैर करना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में सà¥à¤¬à¤¹-शाम की सैर फायदा पहà¥à¤‚चा सकती है। इससे आप तरोताजा महसूस करेंगी और रकà¥à¤¤ संचार à¤à¥€ सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ रूप से होगा।
पाइलेटà¥à¤¸ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में पाइलेटà¥à¤¸ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ किया जा सकता है। इससे पेट, पीठऔर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ को मजबूती मिलती है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठयह जानना à¤à¥€ जरूरी है कि तीसरे महीने में कौन-कौन से टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने के दौरान सà¥à¤•ैन और परीकà¥à¤·à¤£
सही खान-पान, नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के साथ-साथ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नियमित रूप से डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच करवाना à¤à¥€ जरूरी है। जानिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे में महीने में कौन से जांच और सà¥à¤•ैन होते हैं :
वजन और रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª जांचा जाà¤à¤—ा।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार का पता लगाने के लिठपेट का माप लिया जा सकता है।
इस महीने में आप शिशॠके दिल की धड़कन सà¥à¤¨ पाà¤à¤‚गी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में होने वाले लैब टेसà¥à¤Ÿ :
शà¥à¤—र और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सà¥à¤¤à¤° की जांच के लिठयूरिन टेसà¥à¤Ÿà¥¤
रकà¥à¤¤ में आरà¤à¤š फैकà¥à¤Ÿà¤° की जांच के लिठआपके रकà¥à¤¤ का नमूना लिया जाà¤à¤—ा। इससे रकà¥à¤¤ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ का पता लगाया जाता है।
अगर आपके हाथ व पैरों में सूजन है, तो उसके लिठफà¥à¤²à¥‚इड रिटेंशन टेसà¥à¤Ÿ किया जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में किठजाने वाले सà¥à¤•ैन :
नà¥à¤¯à¥‚कल टà¥à¤°à¤¾à¤‚सलà¥à¤¸à¥‡à¤‚सी (à¤à¤¨à¤Ÿà¥€) सà¥à¤•ैन : इसमें शिशॠके सिर के पीछे मौजूद तरल की जांच की जाती है। इस सà¥à¤•ैन को ‘12 वीक सà¥à¤•ैन’ कहा जाता है (11)। डाउंस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के खतरे का पता लगाने के लिठइस तरल के सà¥à¤¤à¤° को मापा जाता है। डाउंस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® आनà¥à¤µà¤‚शिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। गरà¥à¤ में पल रहे जिस à¤à¥à¤°à¥‚ण में यह पाया जाता है, उसके विकास में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है।
मैटरनल सीरम टेसà¥à¤Ÿ : इसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के रकà¥à¤¤ की जांच की जाती है। यह सà¥à¤•ैन आमतौर पर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के 11वें से 13वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बीच किया जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी-à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ पà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨-ठ(पीà¤à¤ªà¥€à¤ªà¥€-à¤) और हृयूमन कोरियॉनिक गोनडोटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¨ (à¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€) का सà¥à¤¤à¤° जांचने के लिठयह टेसà¥à¤Ÿ किया जाता है।
कोरियॉनिक विलस सैंपलिंग (सीवीà¤à¤¸) : इसमें कोरियॉनिक विलस के लिठपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा से नमूना लिया जाता है। यह नमूना सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ या à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‰à¤®à¤¿à¤¨à¤² वॉल में से निकाला जाता है। इसके जरिठबचà¥à¤šà¥‡ में आनà¥à¤µà¤‚शिक रोग का पता लगाया जाता है। वैसे अब यह टेसà¥à¤Ÿ इतना आम नहीं है और कà¥à¤› ही मामलों में किया जाता है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड : अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की मदद से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ का पता लगाने में मदद मिलती है।
कà¥à¤¯à¤¾ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से शिशॠके लिंग का पता लग सकता है?
चूंकि, इस दौरान शिशॠका लिंग विकसित हो रहा होता है, इसलिठलिंग की जांच कर पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। 12वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले की गई जांच से सही परिणाम कम ही संà¤à¤µ है। हालांकि, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में जनà¥à¤® से पहले शिशॠका लिंग पता करना कानूनी अपराध है। à¤à¤¸à¤¾ करने पर जेल हो सकती है।
आइà¤, अब इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में à¤à¥€ जान लेते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने के दौरान सावधानियां – कà¥à¤¯à¤¾ करें और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में खान-पान से लेकर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करते समय कई सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। जानिà¤, तीसरे महीने के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ करें और कà¥à¤¯à¤¾ न करें।
à¤à¤°à¤ªà¥‚र और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम करें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से जरूरी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लें। यह बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठजरूरी है।
फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने से पहले अचà¥à¤›à¥€ तरह धोà¤à¤‚ और हाथ हमेशा साफ रखें।
इस दौरान मसूड़ों से खून आने की समसà¥à¤¯à¤¾ आम है, इसलिठनियमित रूप से दांतों का चेकअप कराà¤à¤‚।
सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‡ रहें। बचà¥à¤šà¥‡ के नाम सोच लें, कमरे में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ लगा लें। à¤à¤¸à¤¾ करने से तनाव कम होगा।
होने वाले पिता के लिठटिपà¥à¤¸
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ ही नहीं, बलà¥à¤•ि होने वाले पिता की à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है। इसलिà¤, होने वाले पिता को à¤à¥€ अपनी कà¥à¤› खास जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ निà¤à¤¾à¤¨à¥€ चाहिà¤, जैसे :
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कमजोर होती है, इसलिठकोशिश करें कि घर के कामों में उनका साथ दें।
हो सकता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ अपनी देखà¤à¤¾à¤² के लिठबाकी लोगों से कट-सी गई हों, à¤à¤¸à¥‡ में उनके आसपास रहकर उनका साथ दें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकेलेपन का अहसास न होने दें।
आप इस दौरान पतà¥à¤¨à¥€ के साथ कहीं बाहर घूमने à¤à¥€ जा सकते हैं।
लेख के अंत में जानिठइस विषय के संबंध में पाठकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूछे गठकà¥à¤› सवालों के जवाब।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
अगर मैं तीन महीने की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हूं, तो मेरी देय तिथि कब होगी?
नियत तिथि शिशॠके जनà¥à¤® लेने की अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ तारीख होती है। इसकी गणना आपकी अंतिम माहवारी के पहले दिन में 40 हफà¥à¤¤à¥‡ जोड़कर की जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ तीसरे महीने के दौरान तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा टà¥à¤¯à¥‚ब दोष (Neural Tube Defect) का पता लगाना संà¤à¤µ है?
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा टà¥à¤¯à¥‚ब दोष à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ से संबंधित दोष है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 11वें से 13वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच à¤à¤¨à¤Ÿà¥€ सà¥à¤•ैन की मदद से इसका पता लगाया जा सकता है (12)।
निषà¥à¤•रà¥à¤· के तौर पर यह कहना सही होगा कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का तीसरा महीना बेहद नाजà¥à¤• होता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला व घर के सà¤à¥€ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की जरूरत है। आप इस लेख में बताठगई जरूरी सावधानियां का पालन कर इस समय को सà¥à¤–द बना सकती हैं। यह जानकारी आप उन सà¤à¥€ परिचित महिलाओं के साथ जरूर शेयर करें, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे महीने में हैं।
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